मॉडल, कैलेंडर गर्ल, ऎक्ट्रेस अक्षिता अग्निहोत्री से ख़ास मुलाक़ात

मॉडल, कैलेंडर गर्ल, ऎक्ट्रेस अक्षिता अग्निहोत्री से ख़ास मुलाक़ात

हेल्लो दोस्तों, ‘चलचित्र सेंट्रल’ के सभी पाठकों का इस स्पेशल कॉलम ‘साक्षात्कार’ में दिल से स्वागत है। इस विशेष कॉलम में हम आपकी मुलाकात ऐसे आर्टिस्ट्स से करवाते हैं, जिन्होंने फिल्म, म्युज़िक, फैशन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
इस बार हम आपकी मुलाकात मॉडल ऎक्ट्रेस अक्षिता अग्निहोत्री से करवा रहे हैं। किंगफिशर कैलेंडर गर्ल रह चुकीं मॉडल ऎक्ट्रेस अक्षिता अग्निहोत्री से मेरी मुलाकात मुम्बई में उस वक्त हुई जब वह अपनी एक थ्रिलर फिल्म “डेली हंट” की शूटिंग कर रही थीं। निर्देशक संजय निरंजन की इस फ़िल्म में अक्षिता अग्निहोत्री के साथ गेवी चहल, दानिश बट, दीपशिखा नागपाल सहित कई एक्टर्स हैं। उन्होंने चलचित्र सेंट्रल के लिए काफी रोचक बातचीत की जिसे आप सभी पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं।

फिलहाल आप जिस फिल्म की शूटिंग कर रही हैं, उसकी कहानी और शूटिंग के अनुभव के बारे में बताएं?

अक्षिता: मैं आजकल हिंदी फीचर फिल्म डेली हंट की शूटिंग कर रही हूँ। डेली हंट का मतलब है हर रोज की रोजी कमाना। हमारी जो कहानी है उसमे आपको अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टरों की दुनिया देखने को मिलेगी। मेरा इसमें काफी ग्लैमरस रोल है मगर इसमें काफी इंटेंस सीन करने का भी मुझे मौका मिला है। मेरे किरदार के इसमें कई लेयर्स हैं। यह सिर्फ एक बार डांसर नहीं है बल्कि वह एक लवर है, प्रेमिका है, बेटी है तो इस किरदार में काफी खेलने का मौका मिलता है। इसमें मेरे साथ दानिश बट और गेवी चहल जैसे को एक्टर्स हैं। फिल्म के डायरेक्टर संजय निरंजन बहुत ही फास्ट डायरेक्टर हैं जो अपना होम वर्क खूब करके आते हैं उन्हें पता होता है कि क्या और कैसे शूट करना है इसलिए समय बर्बाद नहीं होता। हमने एक दिन में ७ सीन और एक गाना शूट किया जो आम तौर पर नहीं होता है। फिल्मों में दिन में २ या ३ सीन शूट करके हम पैक अप कर देते हैं। यह पूरी टीम बहुत ही अच्छी है। हम शूटिंग में ज्यादा रिटेक नहीं करते यह मेरी पसंदीदा टीम है। यह फिल्म करके मुझे बहुत मजा आ रहा है।

आप ने जो सांग किया है वह किस तरह का गाना है?

अक्षिता:
यह एक डांस नम्बर, आइटम सांग है और फिल्म में एक खास सिचुएशन पर आता है। मैं उर्मिला मातोंडकर से काफी इंस्पायर हूँ। मैं अपनी एनर्जी के जरिये उर्मिला के सांग को रिक्रिएट करने की कोशिश कर रही हूँ। उर्मिला का हिट गाना हाय रामा यह क्या हुआ उस गाने में जो स्वैग है जो फील है मैंने उसी से एडाप्ट किया है। उर्मिला जी बेहद सेक्सी हैं और उनसे प्रेरणा लेने में कोई बुराई नहीं है।

फिल्म की शूटिंग के दौरान अक्षिता

इस तरह की गैंगस्टर मूवी दूसरी बॉलीवुड की अंडरवर्ल्ड फिल्मों से कैसे अलग होगी?

अक्षिता: देखिये डेली हंट में पुराना दौर फिर से फिल्माया जा रहा है। इसमें भरपूर मनोरंजन है। इसमें मेरे कई शेड्स हैं। कैसे एक छोटे शहर की लड़की मुंबई आती है और यहाँ फिर उसके साथ क्या होता है इसे देखना पड़ेगा। इसमें ग्लैमरस डांस भी देखने को मिलेगा वहीँ दानिश बट के साथ इंटेंस सीन भी करने को मिल रहा है। फिल्म का क्लाइमेक्स ब्रांड न्यू होगा। आम तौर पर गैंग्स्टर मूवी में जिस तरह का अंत होता है इस फिल्म में वैसा टिपिकल क्लाइमेक्स देखने को नहीं मिलेगा। जब दर्शक सोचेंगे कि फिल्म के अंत में ऐसा होगा तभी उन्हे चौंकने को मिलेगा। इस फिल्म में ऐसा नहीं है कि कोई एक लीड में है, हर किरदार बेहद महत्वपूर्ण है और कहानी से जुड़ा हुआ है। हमारी टेक्नीकल टीम बहुत अमेजिंग है। बिना नींद पूरे किये हुए हम लगातार शूटिंग कर रहे हैं।

बार डांसर का रोल भी फिल्मों में कई अभिनेत्रियाँ निभा चुकी हैं, ऐसे में यह किरदार कितना चुनौतीपूर्ण रहा?

अक्षिता: देखिये, चूँकि मैं किंग फिशर कैलेंडर गर्ल हूँ, इसलिए मैं मॉडलिंग बैक ग्राउंड से आई हूँ। हाल ही में मैंने एक प्रोस्टीच्युट का रोल प्ले किया। उस तरह के किरदार में अदाकारी का काफी स्कोप होता है। यह बार डांसर का रोल है लेकिन आप सोचिये हर बार डांसर की एक कहानी होती है, बैक स्टोरी होती है, लव स्टोरी होती है। इस किरदार में भी काफी परतें होती हैं। गर्ल नेक्स्ट डोर का रोल करना या सिर्फ एक ग्लैमरस गर्ल का रोल करना टिपिकल लगता है। इसमें इंटेंस सीन भी होते हैं। मैं हर तरह की भूमिकाएं करना चाहती हूँ।

आप मॉडल रही हैं, कैलेंडर गर्ल रह चुकी हैं, वहां से लेकर फिल्म एक्ट्रेस तक के सफ़र को आप कैसे देखती हैं?

अक्षिता: कैलेंडर गर्ल से यहाँ तक की जर्नी बड़ी टफ रही है। रोज ही स्ट्रगल रहा है। सेट पर आना जाना भी अपने आप में एक स्ट्रगल है लेकिन यह बहुत ही खुबसुरत सफर रहा है जिसपर मैं गर्व करती हूँ। मैं मॉडल थी मगर किंगफिशर में जाने के बाद मैं बेहतरीन मॉडल बनी, उसने मुझे एक बड़ी पहचान दी। तब से मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। मैं चंडीगढ़ से काम करने के लिए मुंबई आई थी और आज काम करते करते ही १२ साल बीत गए हैं। मैं आज भी वही काम कर रही हूँ जो मैं पहले दिन करने आई थी। और अब तक मैंने जो भी किया है मुझे किसी बात का दुःख या अफ़सोस नहीं है। चाहे कोई भी एड हो, फैशन वीक हो, कोई शो हो सभी ने मुझे ग्रूम किया है। मैं खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती हूँ कि इंडस्ट्री में आते ही मैंने इंडस्ट्री के बेस्ट लोगों के साथ सीखा है काम किया है। मुझे ट्रेनिंग मिली है लुबना एडम से लेकर मार्क रौबिन्सन से लेकर मिलिंद सोमन और उज्ज्वला राउत तक। आप देखिये मेरी नींव कितनी मजबूत है और अगर कोई बुनियाद इतनी स्ट्रोंग हो तो कोई उसे हिला नहीं सकता। १२ साल से लगातार काम कर रही हूँ और दर्शकों और फैन्स का प्यार रहा तो आगे भी काम करती रहूँगी।

इसके अलावा आपका और कोई प्रोजेक्ट?

अक्षिता: नेक्स्ट प्रोजेक्ट एक वेब सीरिज है जो एक थ्रिलर है। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है। यह एक बड़े ओटीटी प्लेटफोर्म पर जल्द रिलीज होने वाली है, इसमें लोग मेरे किरदार को जरुर पसंद करेंगे।

आम तौर पर लोग मानते हैं कि जो लोग मॉडलिंग की फील्ड से आते हैं उनके लिए एक्टिंग बड़ी मुश्किल होती है?

अक्षिता: मैं मुश्किल नहीं मानती। २०१२ में मैं कैलेंडर गर्ल थी और आज इतने वर्ष हो गए हम काम कर ही रहे हैं। काम कोई भी आसान नहीं होता है। एक्टिंग फील्ड में बहुत मेहनत और डेडीकेशन की जरुरत पड़ती है, कई रातें जागकर आपको काम करना पड़ता है। लेकिन जब हम सेट पर पहुँचते हैं तो कुछ करने की एनर्जी रहती है और हम काम करते हैं। लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आपको इरादे की जरुरत पड़ती है।

About गाज़ी मोईन

गाजी मोईन मुंबई में काफ़ी समय से फ़िल्मी दुनिया में बतौर गीतकार, राईटर और फ़िल्म जर्नलिस्ट एक्टिव हैं। वह कवि भी हैं और आप मुंबई सहित देश भर के कई कवि सम्मेलनों और मुशायरों में अपनी शायरी पेश करते आए हैं। ऑल इंडिया रेडियो मुम्बई पर नियमित रूप से वह अपनी रचनाएं पेश करते आए हैं। म्यूज़िक एलबम "तू ही तो था" और "शब" के लिए लिखे हुए उनके गीत काफी मक़बूल हुए हैं। सिंगर रूप कुमार राठौड़ और ग़ज़ल सिंगर सोनाली राठौड़ की आवाज़ में उनके गीत और ग़ज़लें रिकॉर्ड हैं जिन्हें रेडियो मिर्ची से प्रसारित किया गया। गाज़ी मोईन ने दूरदर्शन के कई सीरियल्स लिखे हैं, कई म्यूज़िक चैनल से जुड़े रहे हैं और फ्रीलांसर के रूप में कई अख़बारों, मैगज़ीन के लिए लिखते रहे हैं। गाज़ी मोईन मुंबई में द इंडियन परफॉर्मिंग राईट सोसाइटी लिमिटेड के मेंबर भी हैं। गाज़ी मोईन को उनके योगदान के लिए "सिनेमा आजतक अचीवमेंट अवॉर्ड" सहित कई पुरूस्कार और सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। इनकी 2 पुस्तकें पब्लिश हो चुकी हैं।

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