एक्ट्रेस अपूर्वा खण्डेलवाल से एक खास मुलाकात

An Interview with actress Apurva Khandelwal

फ्रेंड्स, ‘चलचित्र सेंट्रल’ के इस ख़ास कॉलम ‘साक्षात्कार’ में आपका स्वागत है। इस स्पेशल कॉलम में हम आपके लिए ऐसे फनकारों का इंटरव्यू लेकर आते हैं, जिन्होंने छोटे शहरों से होने के बावजूद बड़ा काम अंजाम दिया है। उनके कारनामे दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनकर आते हैं।


इस बार हम आपकी मुलाकात एक उभरती एक्ट्रेस अपूर्वा खण्डेलवाल से करवा रहे हैं जिनकी चर्चा आजकल गज़ल सिंगर पद्मश्री अनूप जलोटा की एक गज़ल ‘जब तुमने गजल सुनाई’ की वजह से हो रही है। रेड रिबन म्यूजिक कम्पनी से रिलीज इस वीडियो में अनूप जलोटा के साथ एक्ट्रेस अपूर्वा खण्डेलवाल दिखाई दे रही हैं। मुंबई में अपूर्वा खण्डेलवाल से मेरी मुलाकात हुई तो उन्होंने चलचित्र सेंट्रल के लिए एक बातचीत की जिसे आप सभी पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं।

आप इतनी यंग हैं, लगता है कि स्टूडेंट हैं? आप अपने बैकग्राउंड के बारे में बताएं?

अपूर्वा: मैं मध्य प्रदेश के छोटे से टाउन से बिलोंग करती हूँ जिसका नाम है इटारसी। हालाँकि इटारसी इंडिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन भी है जहाँ से तमाम मेट्रो शहरों की ट्रेनें कनेक्ट होती हैं इसलिए अगर आपको कहीं भी जाना होता है तो आपको इटारसी होते हुए जाना पड़ता है। स्कूल तक की पढ़ाई मैंने इटारसी से ही की है उसके बाद ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई मैंने भोपाल से की है। पोस्ट ग्रेजुएशन की तालीम भी भोपाल से हासिल की है। हाल ही में मैंने भोपाल से ही पीएचडी की पढ़ाई शुरू की है।

आप पीएचडी कर रही हैं और म्यूज़िक वीडियो भी कर रही हैं, क्या आप सिंगर या एक्ट्रेस बनना चाहती थीं?

अपूर्वा: सच पूछिए तो मैं सिंगर नहीं हूँ, हाँ मेरी मम्मी अनीता खण्डेलवाल सिंगर हैं। मैं एक्टर भी कभी नहीं बनना चाहती थी, हाँ मैं मिस इंडिया जरुर बनना चाहती थी लेकिन बचपन से ही मैं बड़ी शैतानी करती थी। छोटी उम्र में मैं बहुत गिरती थी और मुझे काफी चोट लगी है, माथे पर निशान भी पड़ गया था। फिर मैं इवेंट्स की फील्ड में आ गई। मैं एक इवेंट आर्किटेक्ट हूँ और हाल ही में मैंने एक्टिंग फील्ड में अपना करियर शूरु किया है।

आप अनूप जलोटा की नई गज़ल ‘जब तुमने गजल सुनाई’ के विडियो में दिख रही हैं, क्या यह ऑफर आपने तुरंत एक्सेप्ट कर लिया था?

अपूर्वा : इमानदारी से कहूँ तो मैंने शुरू में मना कर दिया था। मैं बहुत नखरे कर रही थी और मैंने अनूप जी से कह दिया था कि मैं आपको बताती हूँ। उसी दौरान जब मैं मुंबई आई तो उन्होंने मुझे इतने ढंग से समझाया कि मैं इसमें काम करने को तय्यार हो गई।

जब तुमने ग़ज़ल सुनाई के लॉन्च परलालित्य मुंशा, अनूप जलोटा और अपूर्वा खंडेलवाल
जब तुमने ग़ज़ल सुनाई के लॉन्च परलालित्य मुंशा, अनूप जलोटा और अपूर्वा खंडेलवाल

आप यंग जेनेरेशन की हैं, इस गजल से आप खुद को कितनी कनेक्ट कर पाईं?

अपूर्वा: मुझे यह गजल बहुत खूबसूरत लगी। हालाँकि मैं अंग्रेजी के गाने अक्सर सुनती हूँ मगर इस गजल में कुछ बात थी जिसने मुझे प्रभावित किया। इतनी प्यारी गजल है कि अगर आप एक बार सुन लेंगे तो आप खुद ही इसे गुनगुनाने लगेंगे।

अनूप जलोटा ने इंडस्ट्री में आपको कितना सपोर्ट किया?

अपूर्वा: अनूप जी मेरा शुरू से सपोर्ट करते आ रहे हैं। उनसे मेरा कोई गुरु शिष्या का रिलेशन नहीं है बल्कि मैं कह सकती हूँ कि मैं उनकी फैमिली मेम्बर हूँ। अगर मुझे कभी कोई चीज पसंद नहीं आती है तो वह कहते हैं कि अगर पसंद नहीं है तो मत करो क्योंकि तुम्हारी चॉइस भी तो होनी चाहिए। कभी वह किसी चीज का प्रेशर नहीं डालते बल्कि वह इजी गोइंग पर्सन हैं। वह मेरे फैसले की कद्र करते हैं। अनूप जी मेरे मेंटर, मेरे टीचर मेरे दोस्त हैं। हमेशा मैं उनके पास अपनी प्रॉब्लम लेकर चली जाती हूँ और वह फायर ब्रिगेड बनकर मेरी तमाम समस्याओं का समाधान कर देते हैं।

अनूप जी के साथ मेरे काम करने का अनुभव बहुत ही अमेजिंग रहा। वह मेरे मेंटर भी हैं और मेरे गाइड भी। वह किसी भी काम के लिए मुझे अच्छी तरह से गाइड करते हैं। वह मुझे सहज महसूस करवाते हैं और मुझे चॉइस का मौका देते हैं।

क्या आने वाले समय में हम उम्मीद रखें कि आप अनूप जलोटा के साथ और भी वीडियो में दिखाई देंगी?

अपूर्वा: देखिये यह मेरा उनके साथ सेकण्ड वीडियो है। इससे पहले मैंने एक वीडियो में स्पेशल अपियेरेंस किया था। भजन ‘तुलसी की रामायण’, वह विडियो मैंने अनूप जलोटा और अपनी मम्मी अनीता खण्डेलवाल के साथ किया था। अनूप जी के साथ यह मेरा दूसरा वीडियो है। आने वाले समय में उनके साथ मैं कई और प्रोजेक्ट्स भी कर रही हूँ। वैसे तो भगवान बेहतर जानता है कि मेरा नेक्स्ट प्रोजेक्ट क्या होगा, सब उन्ही की दया से होता है।

अब देखिए अपूर्वा खण्डेलवाल का एक छोटा सा संदेश

About गाज़ी मोईन

गाजी मोईन मुंबई में काफ़ी समय से फ़िल्मी दुनिया में बतौर गीतकार, राईटर और फ़िल्म जर्नलिस्ट एक्टिव हैं। वह कवि भी हैं और आप मुंबई सहित देश भर के कई कवि सम्मेलनों और मुशायरों में अपनी शायरी पेश करते आए हैं। ऑल इंडिया रेडियो मुम्बई पर नियमित रूप से वह अपनी रचनाएं पेश करते आए हैं। म्यूज़िक एलबम "तू ही तो था" और "शब" के लिए लिखे हुए उनके गीत काफी मक़बूल हुए हैं। सिंगर रूप कुमार राठौड़ और ग़ज़ल सिंगर सोनाली राठौड़ की आवाज़ में उनके गीत और ग़ज़लें रिकॉर्ड हैं जिन्हें रेडियो मिर्ची से प्रसारित किया गया। गाज़ी मोईन ने दूरदर्शन के कई सीरियल्स लिखे हैं, कई म्यूज़िक चैनल से जुड़े रहे हैं और फ्रीलांसर के रूप में कई अख़बारों, मैगज़ीन के लिए लिखते रहे हैं। गाज़ी मोईन मुंबई में द इंडियन परफॉर्मिंग राईट सोसाइटी लिमिटेड के मेंबर भी हैं। गाज़ी मोईन को उनके योगदान के लिए "सिनेमा आजतक अचीवमेंट अवॉर्ड" सहित कई पुरूस्कार और सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। इनकी 2 पुस्तकें पब्लिश हो चुकी हैं।

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