टीवी अभिनेत्री चाहत पाण्डेय से एक खास मुलाकात

An Interview with TV Actress Chahat Pandey

दोस्तों चलचित्र सेंट्रल के तमाम पाठकों के लिए हम ‘साक्षात्कार’ कॉलम में आपके फेवरेट सितारों से आपकी मुलकात करवाते हैं, उनकी जर्नी, उनके करियर और उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर बातें करते हैं और आपके लिए कई दिलचस्प जानकारी मुहैय्या करवाते हैं।

इस बार हम आपकी मुलाकात करवाने जा रहे हैं मशहूर टीवी एक्ट्रेस चाहत पाण्डेय से, जिन्हें आप लोगों ने एकता कपूर के सीरियल पवित्र बंधन, अलादीन, हमारी बहु सिल्क और दुर्गा जैसे टीवी शोज़ में देखा होगा और आजकल वह दंगल टीवी के शो ‘नथ जेवर या जंजीर’ में नजर आ रही हैं जो २३ अगस्त से शुरू हुआ है। यह शो हर सोमवार से शनिवार रात दस बजे दिखाया जाता है। मुम्बई के विक्ट्री स्टूडियो में चाहत पाण्डेय अपने इस सीरियल की शूटिंग कर रही थीं जब उनसे मेरी मुलाकात हुई और उनसे लम्बी बातचीत हुई।

सवाल: दर्शकों ने आपको कई शोज़ में देखा है, वे जानना चाहते हैं कि आप कहाँ से बिलोंग करती हैं और एक्टिंग की चाहत आप में कैसे जगी?

चाहत पाण्डेय: मैं मध्यप्रदेश के दमोह के एक छोटे से गाँव आम चौपरा की हूँ। बचपन से ही मुझे एक्टिंग में काफी इंटरेस्ट था। मैं ने एमपी में जबेरा के चंडी चौपरा गाँव में प्राइमरी तक शिक्षा हासिल की, इसके बाद जबलपुर नाका पर आदर्श स्कूल में दसवीं तक की पढ़ाई की, फिर जेपीबी स्कूल में 12वीं की। इंदौर जाकर मैंने एक्टिंग का वर्कशॉप किया और फिर २०१६ में मुंबई आई थी। यहाँ काफी ऑडिशन दिए थे। मेरा पहला शो एकता कपूर का सीरियल पवित्र बंधन था। उसके बाद मैंने कई शोज़ किये जैसे तेनालीरामा, अलादीन, हमारी बहु सिल्क, दुर्गा, और अब मैं नथ जेवर या जंजीर कर रही हूँ। मेरा पिछला शो स्टार भारत पे आने वाला शो दुर्गा था जिसे रेशमी शर्मा ने प्रोड्यूस किया था।


सवालः अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए आपको सबसे ज्यादा किसने प्रेरित किया?

चाहत पाण्डेय: मेरी मम्मी का ड्रीम था कि मैं एक्ट्रेस बनूँ, मुंबई जाऊँ। मेरी माँ ने मुझे बहुत हौसला दिया प्रेरणा दी। मुझे मायानगरी तक पहुँचाने और यहाँ एक मुकाम दिलाने का पूरा क्रेडिट मेरी माँ को जाता है। मेरी माँ का सपना था कि मेरी बेटी अपने घर परिवार, अपने गाँव जिला और अपने राज्य का नाम रोशन करे। माँ ने ही मुझे बचपन से डांस की ट्रेनिंग दी। मेरी ख्वाहिश है कि मेरे साथ-साथ मेरे दमोह डिस्ट्रिक्ट का नाम भी फिल्म इंडस्ट्री और पूरे देश में हो जाए। १८ साल की थी तो मुंबई आ गई थी। फिर मेहनत और किस्मत से काम मिलता रहा और मैं करती रही। माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय मुझे बहुत पसंद हैं।

सवाल: आप इन दिनों दंगल टीवी के शो नथ में नजर आ रही हैं, क्या विषय है इस सीरियल का और आपकी भूमिका किस प्रकार की है?

चाहत पाण्डेय: सीरयल नथ का कांसेप्ट बहुत अलग है। यह समाज की एक कुप्रथा पर बेस्ड है, काफी पहले समाज में नथ उतराई की प्रथा थी जिसमे लड़की को पैदा होते ही बेच दिया जाता था और १८ साल बाद लड़का उसको अपनी प्रॉपर्टी समझता था और लड़की और फैमिली भी उसका कुछ नहीं कर सकती थी क्योंकि गाँव के वे बड़े लोग होते थे उनका गाँव में नाम होता था, पैसा होता था। लोग डरते थे उनके खिलाफ जाने में, जान का नुक्सान होगा इसलिए कोई आवाज नहीं उठती थी। लड़की भी सोचती थी कि अगर मेरे जाने से मेरी फैमिली को खाना मिल रहा है, तो फिर मज़बूरी में वह कर लेती है। उसके पास और कोई विकल्प भी नहीं होता है। जब आप नथ सीरियल देखेंगे तो पता चलेगा कि यह नथ उतराई की रस्म क्या होती थी। यह एक ऐसे गाँव की स्टोरी है जहाँ अक्सर पैसों की तंगी से मजबूर होकर लोग समाज के ठेकेदारों से कर्ज लेते हैं और बदले में उनके घर की बेटियाँ नथ उतराई की कुप्रथा की शिकार बनती हैं। मेरे किरदार महुआ का जन्म भी एक ऐसे ही मजबूर परिवार में हुआ। जहाँ उसके पैदा होते ही उसकी जिंदगी का सौदा कर दिया गया। बचपन से तेज तर्रार और पढ़ाई में आगे रहने वाली महुआ को जवानी तक इस तथ्य से अंजान रखा गया। लेकिन अब बारी थी महुआ के संघर्ष की। क्या महुआ इस कुप्रथा को तोड़ पाएगी, उसके साथ क्या हो रहा है।यह शो देखकर पता चलेगा। महुआ को खुद पता नहीं होता है कि बचपन में उसकी नथ उतराई हो चुकी है, क्योंकि उसकी फैमिली ने उसे बताया नहीं है। महुआ बहुत बबली है, खूब बातें करती है।यह किरदार निभाते हुए बहुत मजा आ रहा है हालाँकि यह काफी चैलेंजिंग रोल है।


सवाल: इस डिफ्रेंट शो में प्रतिमा कनन दुर्गा के रोल में हैं, उनके साथ काम करने का कैसा अनुभव रहा?

चाहत: प्रतिमा जी को छोटी उम्र में मैंने उतरन शो में देखा था और आज उनके साथ काम कर रही हूँ, बहुत अच्छा लग रहा है। पूरी कास्ट बहुत अच्छी है तमाम सीनियर एक्टर्स से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। एक्टर का तो काम ही यह होता है कि सभी चीजों को ओब्ज़र्व करो सबसे सीखो।

सवाल: इस नए शो से आपको क्या उम्मीदें हैं?

चाहत: मुझे लगता है कि इस शो और इस किरदार के लिए मुझे बहुत सारा प्यार मिलना चाहिए। तमाम लोग शो देखें, बहुत मेहनत से यह सीरियल बनाया गया है।

सवाल: क्या आप कोई और शो भी कर रही हैं?

चाहत पाण्डेय : नहीं इसके अलावा फिलहाल तो मैं कुछ और नहीं कर रही हूँ। जब आप डेली सोप करते हैं तो फिर किसी कलाकार के पास दूसरा काम करने का समय नहीं होता है। महीने में मुश्किल से दो तीन छुट्टियाँ ही मिलती हैं। हम लगातार काफी घंटे की शिफ्ट करते हैं हमें तो सोने का भी समय नहीं मिलता।

सवाल: अगर आपको वेब सीरिज या म्यूज़िक विडियो का ऑफर आता है तो क्या आप कुबुल करेंगी?

चाहत: भविष्य में अगर मुझे वेब सीरिज का ऑफर आता है और मुझे स्टोरी कांसेप्ट अच्छा लगता है तो मैं जरुर करुँगी। डांस का शौक है। किसी की शादी में नाच लेती हूँ लेकिन अगर म्यूज़िक विडियो का ऑफर आएगा तो अवश्य करुँगी। गाने सुनना देखना मुझे बहुत पसंद है। मुझे एक्टिंग करने का जूनून है चाहे वह टीवी शो हो, वेब सीरिज हो, फिल्म हो, कैमरे के सामने परफॉर्म करना मेरा शौक है। मैं जो चाहती हूँ वो किरदार निभा रही हूँ, मेरे लिए यही काफी है।

सवाल: आगे की क्या प्लानिंग है आपकी?

चाहत: मुझे लगता है कि उपरवाला आलरेडी प्लान करके रखता है कि किसको कब तक कहाँ रहना है इसलिए आँख बंद करके वो किये जाओ जो तुम्हे मिल रहा है, उसमे अपना बेस्ट दो, सब ठीक होता जाएगा।

टी वी ऐक्ट्रिस चाहत पाण्डेय के साथ एक खास बातचीत

About गाज़ी मोईन

गाजी मोईन मुंबई में काफ़ी समय से फ़िल्मी दुनिया में बतौर गीतकार, राईटर और फ़िल्म जर्नलिस्ट एक्टिव हैं। वह कवि भी हैं और आप मुंबई सहित देश भर के कई कवि सम्मेलनों और मुशायरों में अपनी शायरी पेश करते आए हैं। ऑल इंडिया रेडियो मुम्बई पर नियमित रूप से वह अपनी रचनाएं पेश करते आए हैं। म्यूज़िक एलबम "तू ही तो था" और "शब" के लिए लिखे हुए उनके गीत काफी मक़बूल हुए हैं। सिंगर रूप कुमार राठौड़ और ग़ज़ल सिंगर सोनाली राठौड़ की आवाज़ में उनके गीत और ग़ज़लें रिकॉर्ड हैं जिन्हें रेडियो मिर्ची से प्रसारित किया गया। गाज़ी मोईन ने दूरदर्शन के कई सीरियल्स लिखे हैं, कई म्यूज़िक चैनल से जुड़े रहे हैं और फ्रीलांसर के रूप में कई अख़बारों, मैगज़ीन के लिए लिखते रहे हैं। गाज़ी मोईन मुंबई में द इंडियन परफॉर्मिंग राईट सोसाइटी लिमिटेड के मेंबर भी हैं। गाज़ी मोईन को उनके योगदान के लिए "सिनेमा आजतक अचीवमेंट अवॉर्ड" सहित कई पुरूस्कार और सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। इनकी 2 पुस्तकें पब्लिश हो चुकी हैं।

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