भजन सम्राट, ग़ज़ल सिंगर पद्मश्री अनूप जलोटा से एक खास मुलाकात

भजन सम्राट, गज़ल सिंगर पद्मश्री अनूप जलोटा से एक खास मुलाकात

दोस्तों ‘चलचित्र सेंट्रल’ के इस ख़ास कॉलम ‘साक्षात्कार’ में हम आपके लिए ऐसी मशहूर सेलेब्रिटीज का इंटरव्यू पेश करते हैं, जिनके बारे में आप भी रूचि रखते हैं, पढ़ना चाहते हैं। उनके नए प्रोजेक्ट्स और उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में हम उनसे दिलचस्प और प्रेरणादायक बातें करते हैं।


इस बार हम आपकी मुलाकात भजन सम्राट, ग़ज़ल सिंगर पद्मश्री अनूप जलोटा से करवाने जा रहे हैं, जिनकी चर्चा बिग बॉस में भी काफी हुई थी। हाल ही में अनूप जलोटा की एक ग़ज़ल ‘जब तुमने ग़ज़ल सुनाई’ रेड रिबन म्युज़िक कम्पनी से रिलीज हुई है, इसके विडियो में अनूप जलोटा के साथ एक्ट्रेस अपूर्वा खंडेलवाल नजर आ रही हैं। इस ग़ज़ल के कम्पोजर और गायक अनूप जलोटा हैं, जबकि इसे कमलेश सोनावाला ने लिखा है। लालित्य मुंशा ने इसे अपनी कम्पनी रेड रिबन से रिलीज किया है।

ग़ज़ल के लॉन्च परलालित्य मुंशा, अनूप जलोटा और अपूर्वा खंडेलवाल

मुंबई में अनूप जलोटा से मेरी मुलाकात इसी ग़ज़ल अलबम के लांच के अवसर पर हुई तो उनसे लम्बी बातचीत हुई जिसके अंश यहाँ प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

आपको इस नई गज़ल के लिए ढेर सारी बधाई, ग़जल के इस अलबम की मेकिंग का अनुभव कैसा रहा?

अनूप जलोटा : शुक्रिया आपका, देखिए गज़ल में सबसे बड़ा योगदान शायर का होता है क्योंकि अगर गजल अच्छी लिखी हुई है तो सुनने का मज़ा आता है। कमलेश सोनावाला ने इस गजल को बेहद खूबसूरती से लिखा है इसकी लाइन देखिये ‘जब तुमने गजल सुनाई, धड़कन सी लौट आई, हम भी चौंक उठे, कि ये आवाज़ कहाँ से आई।” उन्होंने मुझे यह गजल भेजी थी जो मुझे बहुत अच्छी लगी, इसे मैंने कम्पोज़ किया और रिकॉर्ड कर लिया। फिर मैंने यह गजल रेड रिबन म्युज़िक की लालित्य मुंशा को सुनाई। गजल ही खुबसुरत है मगर विडियो में एक खुबसुरत चेहरे की तलाश थी और मेरी नजरें अपूर्वा खंडेलवाल पर जा कर रुकीं जो इससे पहले मेरे एक भजन में साथ काम कर चुकी थीं। इस गजल के विडियो में अपूर्वा ने बेस्ट परफोर्म किया है। यह गजल रेड रिबन म्युज़िक से रिलीज हुई है यह एक ऐसी कंपनी है जो आर्टिस्ट को चमका देती है। अपूर्वा को इस विडियो में बहुत ही बेहतरीन ढंग से पेश किया गया है। यह एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट बना है।

अपूर्वा ने इस विडियो में आपके साथ स्क्रीन शेयर किया है, क्या कहेंगे बतौर आर्टिस्ट उनमे आप क्या सम्भावनाएं देखते हैं?

अनूप जलोटा: अपूर्वा मल्टी टैलेंटेड हैं। इनके अन्दर इवेंट ओर्गनाइज़ करने की क्षमता बहुत अच्छी है, वह यह काम करती रही हैं। इन की माँ अनीता खंडेलवाल बड़ी अच्छी गायिका हैं उनके साथ हमने एक गाना रिकॉर्ड किया था जिसके विडियो में अपूर्वा ने गजब का काम किया था। इसलिए उन्हें इस गजल के विडियो में हमने रिपीट किया। हालाँकि अक्सर अपूर्वा मना कर देती हैं। लेकिन मैं मानता हूँ कि इन्सान को नहीं कहना भी आना चाहिए। खैर अपूर्वा ने बहुत सोच समझ कर गजल सुनकर इसमें काम करने की हामी भरी और आज इसका विडियो देखता हूँ तो हैरत होती है कि उन्होंने क्या काम किया है।

आप को लोग भजन सम्राट के नाम से जानते हैं, भक्ति गीत आप गाते रहे हैं ऐसे में जब कोई इस तरह का रोमांटिक गीत या गजल का ऑफर आपको मिलता है तो आप का क्या रिएक्शन होता है?

अनूप जलोटा: देखिये कृष्ण भगवान भगवत गीता का ज्ञान भी दे रहे हैं और साथ में रास लीला भी खेल रहे हैं। रोमांटिक भी हैं। जब मैं गजल गाता हूँ तो मैं कृष्ण भगवान् का वह पहलु सोच लेता हूँ और जब भजन गाता हूँ तो कृष्ण भगवान् का दूसरा पहलु सोच लेता हूँ और उसमे इन्वोल्व हो जाता हूँ। लोग मेरी गजलें भी पसंद करते हैं और मेरे भजन भी सुनते हैं।

क्या आपको लगता है कि आज की जेनरेशन के सिंगर्स इतने तरह के गीत गा सकते हैं?

अनूप जलोटा: देखिये अगर आप वर्सटाइल सिंगर बनना चाहते हैं तो आप को क्लासिकल संगीत सीखना होगा, रियाज करना होगा, विद्या प्राप्त करनी होगी तभी आप भजन, गजल, रोमांटिक गीत सभी गा सकेंगे। यही वजह है कि आप जगजीत सिंह साहेब को सुनिए उन्होंने हे राम जैसे बेहतरीन भजन भी गाए हैं और गजले गाते थे तो अच्छे ही लगते थे।

आप सिंगर भी हैं, फिल्मों और अलबम में एक्ट भी कर लेते हैं और अब डायरेक्टर भी बनने जा रहे हैं?

अनूप जलोटा: फिल्म ‘सत्य साईं बाबा’ पार्ट वन को लोगों ने बहुत पसंद किया था। तो अब इसका पार्ट २ बनने जा रहा है जिसको मैं डायरेक्ट करने जा रहा हूँ। उसमे मैंने ऐसा कांसेप्ट रखा है कि सत्य साईं बाबा के दस चमत्कार, एक एक चमत्कार की १२-१५ मिनट की एक एक फिल्म बना रहा हूँ। उस १२-१५ मिनट की फिल्म में अलग अलग आर्टिस्ट होंगे और इन्हें जोड़कर एक फीचर फिल्म बन जाएगी। निर्देशक की कुर्सी पर बैठना भी एक अलग अनुभव होगा।

हाल ही में आल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन शिमला ने आपके नाम पर एक अवार्ड शुरू करने की घोषणा की है, क्या कहंगे आप?

अनूप जलोटा:
मुझे बड़ी ख़ुशी है कि मेरे नाम पर अवार्ड शुरू किया गया है। दरअसल यह अवार्ड बलराज साहनी साहेब और सुदर्शन गौड़ ने शुरू किया था। एक्टिंग के क्षेत्र में काम करने वालों को बलराज साहनी के नाम का अवार्ड ही दिया जाता है गायकी के क्षेत्र में उम्दा काम करने वालों को मेरे नाम का पुरुस्कार दिया जाएगा। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली समझता हूँ कि मेरे नाम का अवार्ड शुरू करने का निर्णय लिया गया और लोगों ने यह अवार्ड मेरे नाम से रखने का फैसला किया। नए आर्टिस्ट को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के अवार्ड्स दिए जा रहे हैं।

आपने भगवत गीता उर्दू में गाई है, यह कितना चैलेंजिंग वर्क था?

अनूप जलोटा: यह एक इंट्रेस्टिंग चीज रिलीज हुई है। पूरी भगवत गीता अर्थात ७०० श्लोक मैंने उर्दू में गाए हैं। अनवर जलालपूरी साहेब ने इसे लिखा है, उर्दू में अनुवाद किया है, हालाँकि यह काफी चुनौतीपूर्ण काम था और वर्षों की मेहनत के बाद सम्भव हो सका है मैं बेहद संतुष्ट हूँ कि ऐसा हो पाया। इसकी शुरू की दो लाइन इस तरह है। ‘धृतराष्ट्र आँखों से महरूम थे, मगर ये न समझो के मासूम थे, उन्हें भी थी ख्वाहिश कि दुनिया है क्या, अँधेरा है क्या और उजाला है क्या।।।” अब आप पूरी भगवत गीता उर्दू में सुन कर समझ सकते हैं क्योंकि संस्कृत में समझना काफी मुश्किल होता है।

अनूप जलोटा जी ने अपने सुनने वालों को के लिये एक छोटा सा विडिओ संदेश भी भेजा है। आशा है आपको यह पसंद आएगा।

About गाज़ी मोईन

गाजी मोईन मुंबई में काफ़ी समय से फ़िल्मी दुनिया में बतौर गीतकार, राईटर और फ़िल्म जर्नलिस्ट एक्टिव हैं। वह कवि भी हैं और आप मुंबई सहित देश भर के कई कवि सम्मेलनों और मुशायरों में अपनी शायरी पेश करते आए हैं। ऑल इंडिया रेडियो मुम्बई पर नियमित रूप से वह अपनी रचनाएं पेश करते आए हैं। म्यूज़िक एलबम "तू ही तो था" और "शब" के लिए लिखे हुए उनके गीत काफी मक़बूल हुए हैं। सिंगर रूप कुमार राठौड़ और ग़ज़ल सिंगर सोनाली राठौड़ की आवाज़ में उनके गीत और ग़ज़लें रिकॉर्ड हैं जिन्हें रेडियो मिर्ची से प्रसारित किया गया। गाज़ी मोईन ने दूरदर्शन के कई सीरियल्स लिखे हैं, कई म्यूज़िक चैनल से जुड़े रहे हैं और फ्रीलांसर के रूप में कई अख़बारों, मैगज़ीन के लिए लिखते रहे हैं। गाज़ी मोईन मुंबई में द इंडियन परफॉर्मिंग राईट सोसाइटी लिमिटेड के मेंबर भी हैं। गाज़ी मोईन को उनके योगदान के लिए "सिनेमा आजतक अचीवमेंट अवॉर्ड" सहित कई पुरूस्कार और सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। इनकी 2 पुस्तकें पब्लिश हो चुकी हैं।

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